केंद्रीय मंत्री वी सोमन्ना के बेटे पर केस:बेंगलुरु के कपल ने फ्रॉड, ब्लैकमेल और डराने-धमकाने का आरोप लगाया

केंद्रीय मंत्री वी सोमन्ना के बेटे अरुण पर बेंगलुरु के एक दंपती ने फाइनेंशियल फ्रॉड करने और डराने-धमकाने का आरोप लगाया है। इवेंट मैनेजमेंट कंपनी चलाने वाले इस कपल ने शुक्रवार को बेंगलुरु पुलिस में अरुण और दो अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। इसमें फ्रॉड के अलावा ब्लैकमेलिंग, हाथापाई और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। अरुण के अलावा अन्य दो लोगों की पहचान दसाराहल्ली के रहने वाले जीवन कुमार और हेब्बल के रहने वाले प्रमोद राव के तौर पर की गई है। वी सोमन्ना ने प्रधानमंत्री मोदी की तीसरी कैबिनेट में जल शक्ति और रेलवे मंत्रालय में राज्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है। इससे पहले 2021 से 2023 तक वे कर्नाटक की बासवराज सरकार में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मिनिस्टर और आवास मंत्री रहे थे। अरुण ने अपने पिता के प्रभाव का हवाला देकर बिजनेस बढ़ाने की बात कही थी
शिकायत के मुताबिक तृप्ति और उनके पति माधवराज बीते 23 साल से इवेंट मैनेजमेंट कंपनी चला रहे हैं। अरुण से उनकी मुलाकात 2013 में एक सरकारी इवेंट में हुई थी। इस कपल ने इससे पहले अरुण की बहन के लिए एक बर्थडे पार्टी का आयोजन किया था, जिसकी काफी तारीफ हुई थी। कपल के काम से खुश होकर अरुण ने माधवराज से पार्टनरशिप करने को कहा था। अरुण ने तब कहा था कि कर्नाटक सरकार में उनके पिता की प्रभावशाली पोजिशन के जरिए वे अपना बिजनेस बढ़ा सकते हैं। कोरोना के बाद अरुण ने कंपनी को अपने कंट्रोल में ले लिया
लेकिन 2019 में कोरोना महामारी के चलते कंपनी को नुकसान हो गया। कपल ने कहा कि अरुण ने कंपनी का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया और मुनाफे उनके साथ शेयर करना बंद कर दिया। बाद में अरुण ने कपल से डिमांड कि वे शेयरहोल्डर्स के पद से इस्तीफा दे दें और 1.2 करोड़ रुपए मुआवजे के तौर पर दें। जब कपल ने मना किया तो अरुण ने ऑफिस के कर्मचारियों के सामने उन्हें अपशब्द कहे और माधवराज को बेल्ट और लैंप से मारा। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है। ये खबर भी पढ़ें… यौन शोषण केस, येदियुरप्पा की गिरफ्तारी अगली सुनवाई तक रुकी:HC बोला-17 जून को CID के सामने पेश हों; नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोप है नाबालिग से यौन शोषण के आरोप मामले में कर्नाटक के पूर्व CM और भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा को गिरफ्तारी को अगली सुनवाई तक रोक दिया गया है। कर्नाटक हाई कोर्ट ने कहा कि येदियुरप्पा को 17 जून को CID के सामने हाजिर होना पड़ेगा। तब तक उन्हें गिरफ्तार और हिरासत में नहीं लिया जा सकेगा। येदियुरप्पा के वकील अंदीप सी पाटिल ने कहा कि मामले की जांच कर रहीं एजेंसियों की गलत कार्रवाई के खिलाफ HC में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने कहा कि येदियुरप्पा पूर्व CM हैं, उनकी उम्र और मामले की जांच में उनके व्यवहार को ध्यान में रखते हुए यह ऐसा मामला नहीं है जहां जांचकर्ता को कोर्ट जाकर वारंट लेना चाहिए था। पूरी खबर यहां पढ़ें…