जरूरत की खबर- कोचिंग के बेसमेंट में डूबे 3 स्टूडेंट:बेसमेंट को लेकर क्या हैं सरकारी नियम, कोचिंग में एडमिशन से पहले क्या चेक करें

देश की राजधानी दिल्ली में बीते शनिवार को बारिश के चलते ओल्ड राजेंद्र नगर के राउ IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर गया। इसमें डूबने से 3 छात्रों की मौत हो गई। दरअसल बिल्डिंग में पावर कट की वजह से बेसमेंट में बनी लाइब्रेरी का बायोमेट्रिक गेट जाम हो गया, जिससे स्टूडेंट अंधेरे में लाइब्रेरी के अंदर फंस गए। पानी का बहाव इतना ज्यादा था कि महज 2-3 मिनट में ही पूरे बेसमेंट में 10-12 फीट पानी भर गया। जानकारी के मुताबिक राउ कोचिंग सेंटर के पास अग्निशमन विभाग ने बेसमेंट में लाइब्रेरी चलाने की अनुमति नहीं दी थी। हालांकि दिल्‍ली के ज्‍यादातर इलाकों में अनुमति लेकर बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, लाइब्रेरी सहित दफ्तर तक खोले जा रहे हैं, लेकिन वहां सुरक्षा मानकों की भयानक अनदेखी हो रही है। दिल्ली के कोचिंग सेंटर्स में पिछले कुछ सालों में आग लगने, पानी भरने जैसे कई हादसे देखे गए हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दिल्ली में लोगों को बेसमेंट में लाइब्रेरी, कोचिंग वगैरह चलाने की अनुमति है। छात्रों और अभिभावकों को किसी कोचिंग सेंटर में एडमिशन से पहले वहां के इन्फ्रास्ट्रक्चर के किन बुनियादी मानकों को चेक करना चाहिए, जिससे बच्चे किसी तरह के हादसे का शिकार होने से बच सकें। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि दिल्ली में बेसमेंट को लेकर क्या नियम हैं? साथ ही जानेंगे कि- सवाल- दिल्ली में बेसमेंट को लेकर क्या नियम हैं? जवाब- दिल्ली में 4 साल पहले ‘मास्‍टर प्‍लान दिल्‍ली-2021’ तैयार किया गया था। दिल्ली की लैंड पूलिंग पॉलिसी, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, ट्रैफिक कंट्रोल और सिविल कम्युनिटी कैसी होगी, इसका पूरा खाका खींचने का काम इसी मास्टर प्लान में ही होता है। मास्टर प्लान-2021 में दिल्‍ली में सीमित जगह और ज्यादा आबादी को ध्यान में रखते हुए बेसमेंट को लेकर नियमों में कुछ बदलाव किए गए थे। इस बदलाव के तहत इमारतों के बेसमेंट में कोचिंग सेंटर, कम्‍प्‍यूटर ट्रेनिंग इंस्‍टीट्यूट, प्‍ले स्‍कूल, फिजिकल एजुकेशन सेंटर, डांस क्लास और लैंग्‍वेज कोचिंग सेंटर जैसे सेंटर्स चलाने की अनुमति दी गई थी। हालांकि इसके लिए संचालक को दिल्‍ली फायर सर्विसेज और अन्‍य अथॉरिटी से अनुमति लेना अनिवार्य था। यह अनुमति कुछ मानकों के पूरे होने के बाद ही मिलती थी। दिल्‍ली में बेसमेंट के इस्‍तेमाल को लेकर कुछ नियम बने हुए हैं, इन्हें नीचे दिए ग्राफिक में देख सकते हैं। सवाल- देश में कोचिंग सेंटर खोलने को लेकर क्या नियम हैं? जवाब- शिक्षा मंत्रालय द्वारा इसी साल 16 जनवरी, 2024 को कोचिंग सेंटर के रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन को लेकर कुछ दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के तहत कोई व्यक्ति कहीं भी प्राइवेट कोचिंग सेंटर नहीं खोल सकता है। इसके लिए उसे कुछ नियमों का पालन करना होगा। इसलिए अभिभावकों और बच्चों को कोचिंग सेंटर में एडमिशन लेने से पहले इन नियमों के बारे में जरूर जानना चाहिए। सवाल- शिक्षा मंत्रालय की गाइडलाइंस का पालन न करने पर कोचिंग सेंटर्स पर क्या कार्रवाई हो सकती है? जवाब- जो कोचिंग सेंटर्स शिक्षा मंत्रालय की गाइडलाइंस का पालन नहीं करेंगे, उन पर एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। जैसे अगर कोई कोचिंग सेंटर पहली बार नियमों का उल्लंघन करता है तो 25 हजार रुपए, दूसरी बार उल्लंघन करने पर एक लाख रुपए और तीसरी बार उल्लंघन करने पर रजिस्ट्रेशन कैंसिल करने के साथ भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा अगर कोचिंग सेंटर वाले स्टूडेंट्स से ज्यादा फीस वसूलते हैं तो कोचिंग का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। जिन कोचिंग सेंटर्स की अलग-अलग ब्रांच हैं, उनको हर ब्रांच के लिए अलग से रजिस्टर करना होगा। यानी कि हर सेंटर एक अलग कोचिंग सेंटर की तरह माना जाएगा। सवाल- अपने बच्चों का किसी कोचिंग सेंटर में एडमिशन कराते हुए माता-पिता को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। जवाब- ऊपर आपने कोचिंग सेंटर्स को लेकर भारत सरकार के जिन नियमों और दिशा-निर्देशों के बारे में पढ़ा, सबसे पहले तो आपको इन सारी बातों की जानकारी होनी चाहिए। तभी आप यह देख पाएंगे कि अमुक सेंटर सभी मानकों पर खरा उतर रहा है या नहीं। यह आपका अधिकार है कि आप इंस्टीट्यूट या कोचिंग सेंटर से सरकार द्वारा मिले सभी वैध प्रमाण पत्रों को देखने की मांग कर सकते हैं। फायर डिपार्टमेंट, इलेक्ट्रिसिटी डिपार्टमेंट के परमिशन लेटर मांग सकते हैं। अगर इनमें से कोई भी डॉक्यूमेंट संदेहास्पद लगे या उपलब्ध न हो तो शिकायत भी कर सकते हैं। यह तो बात हुई कोचिंग और उससे जुड़े नियम-कानूनों की। आइए अब जानते हैं कि बाढ़ की स्थिति में अगर बेसमेंट में फंस जाएं तो क्या सावधानियां बरतनी चाहिए। सवाल- भारी बारिश के दौरान बेसमेंट में फंसने पर क्या सावधानियां बरतें? जवाब- भारी बारिश और बाढ़ के कारण बेसमेंट में पानी हमेशा एक समस्या होती है। बेसमेंट की दीवारों और फर्श से पानी का रिसना आम है। ऐसा इसलिए है क्योंकि पानी का तेज बहाव अपना रास्ता खुद तलाश लेता है। बेंसमेंट में जलभराव होने पर बचने के लिए नीचे दिए कुछ टिप्स अपना सकते हैं। जैसेकि- दिल्ली की घटना में 2-3 मिनट में ही पूरे बेसमेंट में 10-12 फीट पानी भर गया था। जब तक छात्र कुछ समझ पाते, बहुत देर हो चुकी थी। हमेशा ध्यान रखें कि किसी भी मॉल, बिल्डिंग या किसी सेंटर के बेसमेंट में जाने से पहले जरूरी मानकों को चेक करें। जैसेकि- अगर बेसमेंट में इन मानकों को फॉलो नहीं किया गया है, अगर वहां आपको अव्यवस्था दिख रही है तो ऐसी जगह पर जाने से बचें क्योंकि आपातस्थिति में ऐसी जगह फंसना खतरनाक हो सकता है।