सेहतनामा- क्या आप डिनर देर से करते हैं:देर रात खाने से मेटाबॉलिज्म स्लो, पाचन खराब और बढ़ता मोटापा, जाने क्या है वैज्ञानिक कारण

अमेरिकन न्यूट्रिशनिस्ट और राइटर एडेल डेविस का एक कथन है- “हमें सुबह का नाश्ता राजा की तरह, दोपहर का लंच राजकुमार की तरह और रात का डिनर रंक यानी भिखारी की तरह करना चाहिए।” एडेल डेविस 1904 में अमेरिका में पैदा हुई थीं। आज से 120 साल पहले। इन सालों में एडेल का यह कथन पूरी दुनिया में इतना पॉपुलर हो चुका है कि आपने भी जरूर अपनी दादी-नानी या मां के मुंह से यह बात सुनी होगी। लेकिन सवाल ये है कि इसके पीछे साइंटिफिक कारण क्या है? कारण यह है कि सुबह खाया गया खाना हमें दिनभर एनर्जी देता है। सुबह ली गई पोषण युक्त हैवी डाइट को पचने के लिए भी दिन भर का समय मिल जाता है। जैसे-जैसे दिन बीतता जाता है, खाना पचने के लिए वक्त कम बच पाता है। डिनर में खाया गया हैवी, ऑइली और जंक फूड हमारी नींद पर भी बुरा असर डालता है। फिर रात भर करवटें बदलते रहना, नींद न आना, पेट में भारीपन लगना, ब्लोटिंग-गैस, एसिडिटी और न जाने कितनी समस्याएं खड़ी हो जाती हैं। इसलिए आज ‘सेहतनामा’ में जानेंगे कि हमें लेट नाइट डिनर क्योें नहीं करना चाहिए। साथ ही जानेंगे कि- देर रात खाना न खाने के पीछे क्या है वैज्ञानिक कारण स्वास्थ्य विशेषज्ञ सोने से पहले ज्यादा मात्रा में और हैवी डाइट की सलाह बिल्कुल नहीं देते। वहीं जैन धर्म में भी सूर्यास्त के बाद आहार लेने की सख्त मनाही है। ऐसा माना जाता है कि वातावरण में मौजूद कीटाणु, जो हमें आंखों से दिखाई नहीं देते, रात में तेजी से हवा में फैल जाते हैं। फिर ये बैक्टीरिया हमारे खाने में आकर बैठ जाते हैं और कई बीमारियों को न्योता भी देते हैं। भोपाल की डाइटिशियन डॉ. अंजू विश्वकर्मा बताती हैं कि सूर्यास्त यानि शाम 7:30 बजे के बाद डिनर करना हमारी सेहत के लिए बिल्कुल अच्छा नहीं है। ऐसा करने से हमारा पाचन खराब होता है। कई लोग देर रात 10-11 बजे डिनर करते हैं, जो सबसे गलत है। इससे ओबिसिटी (मोटापा) होती है, डाइजेस्टिव डिसऑर्डर (खराब पाचन) के साथ पेट से जुड़ी कई समस्याएं भी होती हैं। नीचे दिए ग्राफिक में जानें लेट नाइट डिनर करने से क्या होता है। सूर्यास्त से पहले डिनर पाचन तंत्र को रखता दुरुस्त सूर्यास्त से पहले डिनर करने से हमारा पाचन तंत्र सही रहता है। उसके बाद हमारी पाचन शक्ति कमजोर पड़ जाती है। साइंस भी यह मानता है कि पाचन तंत्र सूर्य की रोशनी में सही तरीके से काम करता है और अस्त होने पर मंद पड़ जाता है। इसे बॉडी का सर्केडियन रिद्म कहते हैं। यानी सूर्य की गति के मुताबिक हमारे शरीर के सारे ऑर्गन्स भी काम कर रहे होते हैं। देर रात लिए गए भोजन को उतनी ऊर्जा नहीं मिल पाती, जितनी उसे पचने के लिए जरूरत होती है। इसलिए सोने के 4-5 घंटे पहले खाया गया खाना अच्छे से पच जाता है। इससे गैस, एसिडिटी और पेट की कई समस्याओं से भी बचा जा सकता है। 8 बजे तक डिनर करने से नहीं होती एसिडिटी-ब्लोटिंग ग्राफिक में देखें, रात में जल्दी खाना खाने से शरीर को होने वाले कई और फायदे- किस तरह का खाना रात में अवॉइड करना चाहिए आज की भागती-दौड़ती जिंदगी में हमने अपनी लाइफस्टाइल से काफी समझौते कर लिए हैं। जैसे ब्रेकफास्ट मिस कर देना, ब्रेकफास्ट और लंच को मिलाकर दोपहर के वक्त ‘ब्रंच’ करना। फिर जब पूरे दिन की थकान तारी हो जाती है और दिन खत्म हो चुका होता है तो हम रात में अपने खाने की मात्रा बढ़ा देते हैं। यह सोचकर की दिनभर की पूरी डाइट रात में ही ले लें। ऐसे में हम सबसे हैवी डाइट रात में ही लेते हैं। लेकिन ये गलत है और रात में हमें ज्यादा खाना अवॉइड करना चाहिए। साथ ही रात के समय हैवी, मसालेदार खाना भी नहीं खाना चाहिए। रात में हमें सबसे हल्का खाना जैसे खिचड़ी, हरी सब्जी, मूंग की दाल और चपाती, सब्जियां, दालों का सूप, वेजिटेबल सलाद, ओट्स और दलिया। यह ऐसा भोजन है, जो आसानी से पच जाता है। साथ ही सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। ग्राफिक में देखें कि कौन सा खाना हमें रात में डिनर में बिल्कुल नहीं शामिल करना चाहिए- लेट बेड टाइम आजकल आम बात हो गई है। यूं मानो कि एक तरह का ट्रेंड हो गया है। दिनभर के सारे काम खत्म करने के बाद जब सोने का वक्त होता है, उसमें हम अक्सर या तो रील्स देख रहे होते हैं या फिर कोई वेब सीरीज निपटा रहे होते हैं। ऐसे में हमें कुछ-कुछ खाने की क्रेविंग होने लगती है। कुछ लोग मूवी या वेब सीरीज देखते हुए वेफर्स, मैगी, पॉपकॉर्न, नमकीन, कोल्ड ड्रिंक पीना पसंद करते हैं। फिर यह हर रोज की आदत कब बन जाती है, पता ही नहीं चलता। यही हमारे खराब पाचन का मुख्य कारण है। इस आदत को छुड़ाने के लिए नीचे ग्राफिक में दिए टिप्स को देखें-