बाबा सिद्दीकी घड़ी सुधारने का काम करते थे:सलमान-शाहरुख की लड़ाई खत्म कराई; 3 बार विधायक, 1 बार मंत्री रहे

NCP अजित पवार गुट के नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री रहे बाबा सिद्दीकी की मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। उनका जन्म 13 सितंबर, 1958 को पटना में हुआ था। उनका पूरा नाम बाबा जियाउद्दीन सिद्दीकी था। बचपन में वह अपने पिता अब्दुल रहीम सिद्दीकी के साथ घड़ी ठीक करने का काम करते थे। बाबा की पत्नी का नाम शहजीम सिद्दीकी है। उनके दो बच्चे हैं। बेटी अर्शिया सिद्दीकी डॉक्टर हैं जबकि बेटे जीशान सिद्दीकी कांग्रेस विधायक हैं। बाबा सिद्दीकी का बॉलीवुड स्टार्स से भी नजदीकी रिश्ता रहा है। रमजान में उनकी इफ्तार पार्टी के दौरान सलमान खान, शाहरुख खान, संजय दत्त, शिल्पा शेट्टी, तमन्ना भाटिया जैसे तमाम फिल्मी सितारे शिरकत करते रहे हैं। ऐसी ही एक पार्टी के दौरान साल 2013 में सलमान और शाहरुख की 5 साल पुरानी लड़ाई खत्म कराई थी। मार्च, 2024 में बाबा की इफ्तार पार्टी की चार तस्वीरें… सुनील दत्त ने संजय से मिलवाया, संजय ने सलमान मुलाकात कराई
बांद्रा बाबा सिद्दीकी की राजनीतिक कर्मभूमि रहा है और ज्यादातर फिल्मी हस्तियां भी यहीं रहते हैं। बॉलीवुड सेलैब्स से नजदीकी की भी यही वजह रही। राजनीति के शुरुआती दौर में उनकी मुलाकात गुजरे जमाने के मशहूर एक्टर सुनील दत्त से हुई। उस समय सुनील भी कांग्रेस में सक्रिय थे। उन्होंने ही बाबा की मुलाकात संजय दत्त से कराई थी। इसके बाद दोनों गहरे दोस्त बन गए। संजय ने बाबा को सलमान सहित बॉलीवुड के कई अन्य एक्टर और एक्ट्रेस से कराई थी। दाऊद ने धमकाया- फिल्म बनेगी ‘एक था MLA’
बाबा सिद्दीकी को बॉलीवुड और अंडरवर्ल्ड के बीच ब्रिज भी कहा जाता रहा है। उनके दाऊद इब्राहिम की डी कंपनी से भी जुड़े होने के आरोप भी लगाए जाते रहे हैं। हालांकि, सामना में छपी एक खबर के अनुसार मुंबई की एक जमीन को लेकर बाबा सिद्दीकी और दाऊद के करीबी अहमद लंगड़ा में विवाद हो गया था। इसके बाद छोटा शकील ने बाबा को धमकी दी थी कि वे मामले से दूर रहें। इसकी शिकायत बाबा ने मुंबई पुलिस से की थी। इसके बाद अहमद को मकोका के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। कहा जाता है, इस बात से नाराज होकर दाऊद ने फोन पर बाबा को धमकाते हुए कहा- रामगोपाल वर्मा से बोलकर तुम्हारी फिल्म बनवा दूंगा, एक था MLA… 48 साल बाद कांग्रेस छोड़ अजित पवार की NCP में शामिल हुए बाबा ने अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी। वे साल 1977 में पार्टी की स्टूडेंट विंग NSUI में शामिल हुए थे। इसके बाद 1980 में बांद्रा युवा कांग्रेस महासचिव, 1982 में बांद्रा युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और 1988 में मुंबई युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बने। साल 1999 में बाबा कांग्रेस के टिकट पर पहली बार बांद्रा वेस्ट सीट से विधायक बने। इसके बाद वे 2014 तक लगातार तीन बार इस सीट से विधायक रहे। बाबा साल 2004 से 2008 तक राज्य के खाद्य और श्रम राज्य मंत्री भी रहे। हालांकि, साल 2014 में वे चुनाव हार गए। उसी साल उन्हें मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष और 2019 में महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संसदीय बोर्ड में शामिल किया गया। फरवरी, 2024 में वे कांग्रेस छोड़ अजित पवार की NCP में शामिल हुए थे। सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे में लिखा था- मैं एक युवा के तौर पर कांग्रेस में शामिल हुआ था और यह 48 साल तक चलने वाली एक महत्वपूर्ण यात्रा रही। आज मैं तत्काल प्रभाव से कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं।